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UPPSC (यूपी लोक सेवा आयोग) के बाहर 'महा आंदोलन': प्रतियोगी छात्रों का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

 

📝 UPPSC (यूपी लोक सेवा आयोग)  प्रतियोगी छात्रों का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

आज, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के मुख्यालय के बाहर, प्रतियोगी छात्रों ने 'महा आंदोलन' के तहत एक बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से आयोग की चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर था। छात्रों की प्रमुख मांगों में कटऑफ, प्राप्तांक (Marksheet), और अंतिम संशोधित उत्तर कुंजी (Revised Answer Key) को सार्वजनिक करना शामिल है।

📝 UPPSC (यूपी लोक सेवा आयोग)  प्रतियोगी छात्रों का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई


🚨 तनावपूर्ण माहौल और पुलिस द्वारा छात्रों को खदेड़ा जाना

पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र आयोग के मुख्य द्वार के बाहर इकट्ठा हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। छात्रों के इस बड़े जमावड़े और तनावपूर्ण होते माहौल को देखते हुए, प्रशासन ने फौरन कार्रवाई की।

  • सुरक्षा घेरा: आयोग परिसर और आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी पुलिस बल के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया।

  • ड्रोन निगरानी: स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया।

  • पुलिस कार्रवाई: छात्रों के धरना-प्रदर्शन को बढ़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया (disperse)। इस दौरान कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें हैं।

🗣️ प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांगें

छात्रों का कहना है कि आयोग की कार्यप्रणाली पर उनका विश्वास कम हुआ है। यह आंदोलन उनकी उस बेचैनी को दर्शाता है, जो उन्हें लग रहा है कि उनकी मेहनत को सही मूल्यांकन नहीं मिल रहा है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी: सभी परीक्षाओं की अंतिम परिणाम के तुरंत बाद संशोधित उत्तर कुंजी (Final Revised Answer Key) को तत्काल सार्वजनिक किया जाए।

  2. कटऑफ और प्राप्तांक: सभी वर्गों के कटऑफ अंक और सभी अभ्यर्थियों की प्राप्तांक सूची (Marksheet) को आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए।

  3. पारदर्शिता: चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और वे तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

🚧 आगे क्या?

प्रशासन अब अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। दूसरी ओर, प्रतियोगी छात्र अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं।

यह घटना UPPSC की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की आवाज को दर्शाती है, जो एक निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि आयोग और प्रशासन इस 'महा आंदोलन' पर क्या ठोस प्रतिक्रिया देते हैं।


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